अमर उजाला
Wed, 8 January 2025
देश के बजट का एक स्वर्णिम इतिहास रहा है
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले बजट पेश करने की परंपरा है
हर साल 1 अप्रैल से अगले साल के 31 मार्च के बीच की अवधि को एक वित्तीय वर्ष कहा जाता है
देश का पहला बजट 164 साल पहले 07 अप्रैल 1860 को ईस्ट इंडिया कंपनी के दौर में पेश किया गया
स्वतंत्र भारत के बजट की परिकल्पना प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस ने की
वर्ष 1950 का बजट सदन में पेश होने से पहले ही लीक हो गया था
साल 1955-56 से बजट अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में छपना शुरू हुआ
जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने पीएम रहते बजट पेश किया
सबसे अधिक 10 बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम
घाटे का बजट होने के कारण वर्ष 1973-74 के बजट को 'ब्लैक बजट' कहा जाता है, इसे वित्त मंत्री यशवंत राव बी चौहान से पेश किया था
मनमोहन सिंह ने 24 जुलाई 1991 को जो बजट पेश किया, उससे भारत में विदेशी निवेश की राह खुली
2021 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेपरलेस बजट की शुरुआत की
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