आरबीआई की ओर से लॉन्च किए गए डिजिटल रुपये को किसी अन्य करेंसी में बदला जा सकता है, पर यूपीआई के साथ ऐसा नहीं किया जा सकता है।
हम अपने बैंक खाते में जमा राशि का यूपीआई के माध्यम से लेनदेन करते हैं। बैंक में जमा राशि पर आपको ब्याज मिलता है पर डिजिटल करेंसी नकद का ही स्वरूप होता है इस कोई ब्याज नहीं मिलता।
RBI की रिलीज के अनुसार, इस पायलेट प्रोजेक्ट के लिए फिलहाल सिर्फ 8 बैंकों का चयन किया गया है. इसके उलट, यूपीआई की सर्विस लगभग हर बैंक देता है।
यूपीआई की सेवा पूरे देश में उपलब्ध है, पर डिजिटल करेंसी का पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल देश के चुनिंदा शहरों में ही चलाया जा रहा है। इनमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और भुवनेश्वर जैसे शहर शामिल हैं।
डिजिटल रुपये की मॉनिटरिंग केंद्रीय बैंक आरबीआई करता है, जबकि यूपीआई की मॉनिटरिंग का जिम्मा संबंधित बैंकों का है।
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