अमर उजाला
Mon, 7 August 2023
हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह ज्यादा से ज्यादा समय तक टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व करे, हालांकि सभी के नसीब में ऐसा नहीं होता
हम उन 10 क्रिकेटरों पर एक नजर डालते हैं जो एक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद ही भारतीय टीम से बाहर हो गए
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज को 2016 में भारतीय टीम में शामिल किया गया था। जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे में फजल ने डेब्यू किया और केएल राहुल के साथ ओपनिंग की। भारत ने 126 रन की पीछा करते हुए 10 विकेट से जीत हासिल की। फजल ने 61 गेंदों में 55 रन बनाए थे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 90.16 का रहा। हालांकि, इस मैच के बाद उन्हें कभी मौका नहीं मिला
अरविंद ने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन की बदौलत 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिला। उस मैच में वह भारत के सबसे महंगे गेंदबाज रहे थे और 3.4 ओवर में 44 रन लुटाए थे। इकॉनमी रेट 12.94 का रहा था। यह भारतीय जर्सी में उनका आखिरी मैच था
1990 के दशक में अभिजीत काले का नाम सुर्खियों में आया था। 2003 में उन्हें टीम इंडिया के लिए डेब्यू का मौका मिला। बांग्लादेश के खिलाफ ढाका में खेले गया वनडे उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच था। भारतीय चयनकर्ता किरण मोरे और प्रणब रॉय ने अभिजीत पर टीम में आने के लिए घूस देने का आरोप लगाया था। इसके बाद उन पर बैन भी लगाया गया था। उन्होंने वापसी की, लेकिन कभी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल सके
इकबाल ने घरेलू क्रिकेट में खूब विकेट लिए थे। 90 फर्स्ट क्लास मैच में उनके नाम 315 विकेट थे। 2001 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में उन्हें डेब्यू का मौका मिला। इकबाल मनोज प्रभाकर के बाद इकलौते भारतीय हैं जिन्होंने ओपनिंग बॉलिंग के साथ-साथ ओपनिंग बैटिंग भी की है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साबित हुआ
अजीत ने भारत के लिए एकमात्र टेस्ट न्यूजीलैंड के खिलाफ 1969 में खेला था। तब उन्होंने दो विकेट लिए थे
रमेश ने भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड समेत 11 देशों के दौरे किए, लेकिन सिर्फ एक टेस्ट खेलने को मिला। 1967 में लीड्स में उन्हें डेब्यू का मौका मिला। दो पारियों में वह 9 और 16 रन बना सके। इसके बाद वह कभी टीम इंडिया के लिए नहीं खेल सके
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