1983 vs 2011 वर्ल्ड कप: जानें खिलाड़ियों की मैच फीस और इनामी राशि में अंतर

अमर उजाला

Sun, 25 June 2023

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टीम इंडिया के खिलाड़ियों की कमाई आज के दिनों में करोड़ों में है, हालांकि ये बदलाव 1983 में भारत के वर्ल्ड कप जीतने के बाद ही आया 

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1983 में भारत ने अपना पहला विश्व कप जीता था, इस खिताबी जीत के बाद से भारतीय क्रिकेट बदल गई
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भले ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड आज दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड है, लेकिन 1983 के हालात अलग थे

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कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप विजेता टीम को मात्र 1500 रुपये मैच फीस के रूप में और दैनिक भत्ते के रूप में प्रतिदिन 200 रुपये मिलते थे

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कप्तान, उप-कप्तान और यहां तक कि टीम मैनेजर सहित सभी को समान राशि मिलती थी
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आईसीसी की पहली ट्रॉफी जीती तो उस वक्त टीम इंडिया को ईनाम के दौर पर करीब 66,200 पाउंड (करीब 9 लाख 93 हजार रुपये) मिले थे

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आपको जानकर यकीन नहीं होगा कि जब खिलाड़ी खिताब जीतकर वापस आए तो बीसीसीआई के पास उन्हें ईनाम के तौर पर देने के लिए पैसे नहीं थे

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ऐसे में महान गायिका लता मंगेशकर ने कंसर्ट के जरिए 20 लाख रुपये जुटाए थे। तब टीम इंडिया को सदस्यों को एक-एक लाख रुपये इनाम के तौर पर मिले थे

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1983 के बाद भारत ने दूसरा वनडे विश्वकप 2011 में जीता था। इस विश्व कप में कुल ईनामी राशि 75.95 करोड़ थी

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इसमें से 22.78 करोड़ विजेता टीम को दिए गए थे, जबकि 11.39 करोड़ उपविजेता टीम को दिए गए थे

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इसके बाद बीसीसीआई ने भी खिलाड़ियों पर खूब पैसे लुटाया और पहले एक-एक करोड़ रुपये देने का एलान किया था

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जब खिलाड़ी खुश नहीं हुए तो दो करोड़ रुपये कर दिए गए थे। वहीं सपोर्ट स्टाफ को 50-50 लाख रुपये दिए गए थे

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आज के समय में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों की कुल सैलरी सात करोड़ रुपये है

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इन खिलाड़ियों को एक टेस्ट खेलने के लिए 15 लाख रुपये की मैच फीस मिलती है, वनडे में यह छह लाख रुपये और टी20 में तीन लाख रुपये है

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