अमर उजाला
Mon, 20 January 2025
पूर्व भारतीय दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने वानखेड़े स्टेडियम के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर खुलासा करते हुए बताया कि आखिर वह इसी मैदान पर क्यों अपने करियर का आखिरी मैच खेलना चाहते थे
सचिन ने 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम पर अपने करियर का अंतिम मैच खेला था। इसके बाद मास्टर ब्लास्टर ने अपने दो दशक से लंबे करियर का अंत कर दिया था
सचिन ने वानखेड़े स्टेडियम में हुए कार्यक्रम के दौरान कहा, जब वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के कार्यक्रम की घोषणा की गई, तो मैंने एन श्रीनिवासन (तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष) को फोन किया और अनुरोध किया कि क्या सीरीज का दूसरा और आखिरी मैच वानखेड़े में खेला जा सकता है क्योंकि मैं चाहता हूं कि मेरी मां मुझे अपना आखिरी मैच खेलते हुए देखें
सचिन ने कहा, मेरी मां ने उससे पहले कभी भी स्टेडियम आकर मुझे खेलते हुए नहीं देखा था। उस समय उनका स्वास्थ्य ऐसा था कि वह वानखेड़े को छोड़कर किसी अन्य स्थान पर नहीं जा सकती थी। बीसीसीआई ने बहुत शालीनता से उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया और मेरी मां और पूरा परिवार उस दिन वानखेड़े में थे। आज जब मैंने वानखेड़े में कदम रखा, तो मैं उन्हीं भावनाओं का अनुभव कर रहा हूं।
तेंदुलकर ने कहा कि 2011 में वनडे विश्व कप फाइनल में पहुंचने के बाद भारत ने इस स्थान पर ही विश्व कप जीता था। उन्होंने विश्व कप जीतने के बाद साथी खिलाड़ियों के द्वारा कंधे पर उठाकर मैदान का चक्कर लगाने के बारे में कहा, 'वह निस्संदेह मेरे जीवन का सबसे अच्छा क्षण था।'
सचिन ने अपने करियर में भारत के लिए 200 टेस्ट खेले और 15921 रन बनाए जो इस प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाए जाने का विश्व रिकॉर्ड है जिसे अबतक कोई नहीं तोड़ सका है
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