देहरादून की इस नाई की दुकान का नाम खींच रहा सबका ध्यान, वजह जान सब हैरान
अमर उजाला
Mon, 10 April 2023
Image Credit : अमर उजाला
देहरादून के मोथरोवाला में खुली एक नाई की दुकान आज कल हर किसी का ध्यान खींच रही है। इसकी वजह भी खास है। वो है इसका नाम 'भूतपूर्व सैनिक नाई की दुकान'। जब ये यह दुकान खुली है लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई।
Image Credit : अमर उजाला
ये कहानी है देहरादून दौड़वाला निवासी मोहन सिंह रावत की। उन्होंने फौज में रहकर बंदूक चलाई और अब कैंची को स्वावलंबन का हथियार बना लिया। मोहन एक मार्च को फौज से रिटायर हुए और 17 मार्च को अपनी नाई की दुकान खोल ली।
Image Credit : अमर उजाला
मोहन सिंह शुरू से फौजी बनना चाहते थे। यही वजह थी कि वर्ष 1999 में 12वीं पास करने के बाद वह फौज में जाने के लिए आवेदन करने लगे थे। इसके बाद वे असम रायफल में भर्ती हो गए।
Image Credit : अमर उजाला
सेना में रहते हुए ही मोहन ने बाल काटने का काम सीखा था, जिसे उन्होंने अब स्वरोजगार के रूप में अपनाया है। मोहन का कहना है कि जो कोई उनसे इस काम को सीखना चाहेगा, उसे वह निशुल्क ट्रेनिंग देंगे।
Image Credit : अमर उजाला
मोहन सिंह चलने फिरने में असहाय बजुर्गों के घर पर जाकर बाल काटते हैं। इसे वह अपने फौजी धर्म से जोड़ते हुए इसके लिए कोई अतिरिक्त पैसे भी नहीं लेते हैं। इसके अलावा अपने हुनर से घुटनों और कमर दर्द में मालिस कर लोगों को राहत पहुंचाते हैं। इसके लिए भी वह कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेते हैं।
Image Credit : अमर उजाला
मोहन बताते हैं, उनके पास सबसे अधिक रिटायर फौजी और बच्चे बाल कटाने आते हैं। फौजी कटिंग उनकी पहली डिमांड रहती है। वह प्रतिदिन एक हजार से 1500 रुपये तक कमा लेते हैं।
Image Credit : अमर उजाला
हाल ही में अचानक पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मोहन सिंह रावत की दुकान पर पहुंचे और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने मोहन सिंह रावत को बकायदा सेल्यूट कर उनके काम की हौसला अफजाई की।
Image Credit : अमर उजाला
राजा भैया का विवादों से रहा है गहरा नाता, जानें कुछ चर्चित मामले