कालेश्वर महादेव: यहां शिव और शनि मिलकर बनाते हैं भक्तों के सारे बिगड़े काम

अमर उजाला

Mon, 14 August 2023

Image Credit : अमर उजाला
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक शिव मंदिर ऐसा भी है, जहां शिव के साथ शनि देव की भी पूजा होती है। यह शिव मंदिर है जोशियाड़ा स्थित कालेश्वर महादेव। 
Image Credit : अमर उजाला
मान्यता है कि यहां सच्चे मन से कोई भक्त भगवान शिव और शनि की पूजा-अर्चना करता है तो वह उसके सभी संकट दूर करते हैं। शनिवार को यहां दर्शन व पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
Image Credit : अमर उजाला

जिला मुख्यालय के जोशियाड़ा क्षेत्र में पौराणिक कालेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। मंदिर के मुख्य पुजारी ब्रह्मानंद पुरी बताते हैं कि यहां कभी खेतों में हल लगाते समय शिवलिंग हल से टकराया था। जब पत्थर समझकर उसे निकालना चाहा तो वह और नीचे चला जाता। 

Image Credit : अमर उजाला
चार से साढ़े पांच फीट गहराई में जब गणेश, अंबा, कार्तिकेय, शिव परिवार की मूर्तियां मिली तो वह शिवलिंग उससे नीचे नहीं गया और इससे नीचे खोदाई भी संभव नहीं हो पाई। जिसके बाद से यहां प्रकट स्वयंभू शिवलिंग को कालेश्वर महादेव के रुप में पूजा जाता है। 
Image Credit : अमर उजाला

कालेश्वर नाम पड़ने के पीछे पुरी बताते हैं कि यहां पहले कभी काले सांपों का डेरा भी था। शिवलिंग पर भी काले-काले सांप देखे जाते थे। जिसके चलते इसका नाम कालेश्वर पड़ा। बताया कि मंदिर के आसपास ग्रामीण भी पूजा-अर्चना के बाद ही खेतीबाड़ी से जुड़ा काम शुरु करते हैं। 

Image Credit : अमर उजाला

जीवन में किसी भी तरह का संकट जैसे कालसर्प दोष, शनि की साढ़े साती या ढैय्या आदि में सच्चे मन से भक्त पूजा-अर्चना करते हैं तो शिव और शनि भक्तों के सभी संकट दूर करते हैं।
Image Credit : अमर उजाला

यहां तिल, तेल और वस्त्र दान से शनि की पूजा की जाती है। इसके साथ काली दाल के साथ तुला दान व छाया दान भी किया जाता है।

Image Credit : अमर उजाला

हिमाचल में बादल फटने और भूस्खलन से गई कई की जान

अमर उजाला
Read Now