पांडवों के स्थापित इस मंदिर में है स्वयंभू शिवलिंग, यहां बहती है उल्टी गंगा, सावन में विराजते हैं भोलेनाथ उत्तराखंड में कई ऐसे मंदिर हैं जो अपनी पौराणिकता के लिए प्रसिद्ध हैं। ऐसा ही एक मंदिर है हरिद्वार के लक्सर में। लक्सर हरिद्वार मार्ग स्थित पंचलेश्वर महादेव मंदिर की दूरी हरिद्वार शहर से 23 किलोमीटर है। बताया जाता है कि पंचलेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने की थी। शिव महापुराण में भी इस मंदिर का उल्लेख है। यह एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां गंगा पश्चिम दिशा(उल्टी दिशा) की ओर बहती है। मंदिर में मौजूद शिवलिंग भी स्वयंभू है। पंचलेश्वर महादेव मंदिर का श्रवण मास में विशेष महत्व है। मान्यता है कि श्रावण मास में दिन में एक बार भगवान शिव इस मंदिर में जरूर आते हैं। इस मास में हजारों शिवभक्त और कांवड़िए मंदिर में उत्तराभिमुख स्वयंभू शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। आसपास ही नहीं बल्कि दूसरे जिलों और प्रदेशों से लोग मंदिर में पूजन और जलाभिषेक करने आते हैं। .