भारत-पाक बंटवारे के साक्षी रहे राजीव घई ने बयां किया विभाजन का दर्द विभाजन के दंश की कहानी सुनाते हुए उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव घई भावुक हो गए। राजीव घई ने कहा कि बंटवारे के दौरान पाकिस्तान में हमारे लोगों पर जो जुल्मो-सितम हुए उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। घई ने कहा कि बंटवारे के बाद पाकिस्तान वाले हिस्से में एलान कर दिया गया था कि या तो कलमा पढ़ो या फिर पाकिस्तान वाला हिस्सा छोड़कर निकल जाओ। घई बोले, जब लोगों ने पाकिस्तान से निकलना चाहा तो वहां कत्लेआम शुरू कर दिया गया, हिंदुओं को ढूंढकर मारा जाने लगा। राजीव ने कहा, बंटवारे के दौरान हिंदुओं को काटकर ट्रेनों में भरकर भारत भेजा जाने लगा, बहू-बेटियों की आबरू लूटी गई। घई ने बताया, अपनी आबरू बचाने के लिए कई वीर बच्चियां और महिलाएं कुएं में कूद गईं और कुछ ने खुद को आग के हवाले कर दिया था। घई ने कहा, माता-पिता ने इज्जत बचाने के लिए खुद ही अपनी बेटियों को जहर देकर मौत की नींद सुला दिया और कुछ ने गला घोंट दिया। यहां