अमर उजाला
Thu, 5 January 2023
कंझावला कांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसकी गुत्थी सुलझने के बजाय उलझती जा रही है। दिल्ली पुलिस की गुरुवार को की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अब आरोपियों की संख्या भी पांच से बढ़कर सात हो गई है।
31 दिसंबर और 1 जनवरी की दरम्यानी रात को रात 2.04 बजे से लेकर 2.06 मिनट के बीच बलेनो कार और स्कूटी टकराई।
टक्कर के बाद स्कूटी सवार अंजलि का पैर कार के अगले पहिए और एक्सेल के बीच में जा फंसा। वहीं उसकी सहेली निधि भी गिर गई पर उसे मामूली चोट आई।
कार सवारों ने सुल्तानपुरी से कंझावला तक गाड़ी घुमाई, दो बार यूटर्न लिया ताकि लाश नीचे गिर जाए लेकिन ऐसा न हुआ।
13 किलोमीटर तक गाड़ी घुमाने के बाद अंजलि का शव उनकी कार से गिरा तो उसे वहीं छोड़ आरोपी भाग निकले।
उस वक्त तक घिसटने के कारण अंजलि के शव पर एक भी कपड़ा नहीं बचा था। उसके शरीर में एक बूंद खून शेष नहीं था। कोई हड्डी ऐसी न थी जो टूटी न हो।
एक पैर अलग होकर कहीं गिर चुका था दूसरा पैर मुड़ चुका था। 13 किलोमीटर तक घसीटे जाने के कारण शरीर का पिछला हिस्सा झुलस गया था और हड्डियों में छेद हो गया था।
मामले में जब पुलिस को पीसीआर पर कॉल मिली तो पुलिस एक्टिव हुई फिर कई घंटे बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
मालवा के इन व्यंजनों का स्वाद चखेंगे प्रवासी भारतीय