जमीयत प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने कहा- हमें सबसे ज्यादा प्यार इस देश की शांति से दो दिवसीय जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन कई प्रस्ताव पेश किए गए, साथ ही कुछ अहम सुझाव दिए गए अधिवेशन में मौजूद उलमा ने कहा कि कॉमन सिविल कोड को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका हर स्तर पर विरोध होगा 'हमारा मजहब अलग है, हमारा लिबास अलग है, यदि तुमको हमारा मजहब बर्दाश्त नहीं है तो तुम कहीं ओर चले जाओ'- मौलाना महमूद मदनी आगे कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि कितना कुछ सहने के बावजूद हम चुप हैं, यह हमारे सब्र का इम्तिहान है सद्भावना मंच को मजबूत करने के लिए विभिन्न धार्मिक संप्रदायों के लोगों की संयुक्त बैठक करना, मजदूर-किसानों की सेवा आदि सुझाव पेश हुए शाहजहांपुर के मौलाना नोमानी ने कॉमन सिविल कोड का प्रस्ताव रखते कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ को समाप्त करने के लिए सरकार इसे ला रही है अधिवेशन के अंतिम दिन ज्ञानवापी मस्जिद, मथुरा शाही ईदगाह के प्रस्ताव पारित हुए और हर साल 15 मार्च को विश्व इस्लामोफोबिया दिवस मनाने की घोषणा की गई यहां पढ़ें अन्य खबरें