अमर उजाला
Wed, 25 May 2022
यासीन मलिक पर 2017 में कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों को अंजाम देने जैसे तमाम गंभीर आरोप हैं। यासीन ने दिल्ली की अदालत में यूएपीए के तहत दर्ज ज्यादातर मामलों में अपने पर लगे आरोपों को मंजूर कर चुका है। इसके अलावा उसपर 1990 में एयरफोर्स के 4 जवानों की हत्या का आरोप है, जिसे उसने स्वीकारा था।
उस पर मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण का भी आरोप है। साल 2017 में मलिक के खिलाफ आतंकी घटनाओं से जुड़ने और कश्मीर घाटी में माहौल खराब करने की साजिश करने का आरोप लगा।
घाटी में आतंकवाद का बीज जेकेएलएफ ने ही बोया है। शुरूआत में पाकिस्तान ने इस संगठन को प्रश्रय दिया। घाटी में जब हालात खराब हो गए तो उसने हिजबुल मुजाहिदीन को आगे कर दिया। इस बीच कश्मीरी पंडितों को विस्थापन के लिए मजबूर होना पड़ा।
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