1906 से 1947 तक जानिए कैसा रहा तिरंगे का सफर

अमर उजाला

Mon, 14 August 2023

Image Credit : Social Media

भारत का राष्ट्रीय ध्वज आजादी का प्रतीक है

Image Credit : Social Media

देश की आजादी में तिरंगा का अहम योगदान था

Image Credit : Social Media

साल 1906 में कलकत्ता में भारत का पहला राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था

Image Credit : Social Media

देश का पहला ध्वज

  • इस ध्वज में हरे, पीले और लाल रंग की पट्टियां थीं  
  • झंडे के बीच में वंदे मातरम लिखा हुआ था  
  • इसपर 8 फूल, 1 चांद और 1 सूरज छपे थे
Image Credit : Social Media

साल 1907 में दूसरा नया झंडा प्रस्तावित किया गया

  • झंडे में नारंगी, पीली और हरी रंग की तीन पट्टियां थीं
  • बीच वाली पट्टी पर वंदे मातरम लिखा हुआ था
  • ऊपर की पट्टी पर सात तारे सप्तऋषि को दर्शाते थे
Image Credit : Social Media

साल 1917 में एनी बेसेंट और तिलक ने फहराया नया झंडा

  • इस झंडे में 5 लाल और 4 हरी क्षैतिज पट्टियां थी  
  • झंडे के अंत की ओर काले रंग में त्रिकोणनुमा आकृति बनी थी  बाएं तरफ के कोने में यूनियन जैक भी था
  • एक चांद और तारे के साथ, इसमें सप्तऋषि को दर्शाते सात तारे भी शामिल किए गए थे
Image Credit : Social Media

1921 में भी बदला गया भारत का राष्ट्रीय ध्वज

  • झंडे में बदलाव करते हुए इसमें एक सफेद रंग की पट्टी जोड़ी गई
  • राष्ट्र की प्रगति का संकेत देने के लिए एक चलता हुआ चरखा होना चाहिए
Image Credit : Social Media

साल 1931 में भारत को मिला आधिकारिक झंडा

  • नए झंडे में इस बार नारंगी, सफेद और हरे रंग की पट्टी थी
  • सफेद पट्टी में चरखा को राष्ट्र की प्रगति का प्रतीक बताया गया
Image Credit : Social Media

1947 में भारत को मिला तिरंगा

भारत की आजादी के साथ देश को नया झंडा भी मिला
इसमें नारंगी, सफेद और हरी पट्टी थी
सफेद पट्टी में मौर्य सम्राट अशोक के धर्म चक्र को गहरे नीले रंग में दिखाया गया
Image Credit : Social Media

कौन थे आजाद भारत के पहले गवर्नर जनरल

Social Media
Read Now