जानिए क्या है कच्चाथीव द्वीप का इतिहास

अमर उजाला

Fri, 11 August 2023

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पीएम मोदी ने संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए कच्चाथीव द्वीप का जिक्र किया

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यह द्वीप कभी भारत का हुआ करता था जो अब श्रीलंका का हिस्सा है

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1976 में भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सीमा को लेकर एक समझौता हुआ था

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इसके तहत भारतीय मछुवारे और मछली पकड़ने वाले जहाज श्रीलंका के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में नहीं जा सकते हैं

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इससे तमिलनाडु का मछुवारा समुदाय काफी ज्यादा खफा था

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साल 1991 में तमिलनाडु की विधानसभा में प्रस्ताव पास किया  
इसमें कच्चाथीवू द्वीप को भारत में वापस मिलाने की बात कही गई

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साल 2008 में जयललिता ने तर्क दिया कि भारत सरकार बिना संविधान संसोधन के देश की जमीन किसी दूसरे देश को नहीं दे सकता

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साल 2011 में जयललिता के सीएम बनते ही विधानसभा में एक प्रस्ताव भी पारित करवाया गया

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साल 2014 में अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा-
कच्चाथीवू द्वीप एक समझौते के तहत श्रीलंका को दिया गया है  और अब यह इंटरनेशनल बाउंड्री का हिस्सा है

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उन्होंने यह बताया कि कच्चाथीवू द्वीप को वापस लेने के लिए दोनों देशों को युद्ध लड़ना होगा

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