अमर उजाला
Mon, 14 August 2023
नाईटहुड अवॉर्ड ब्रिटिश साम्राज्य के सर्वोच्च सम्मानों में से एक है
इसकी शुरुआत 4 जून 1917 को किंग जार्ज-V ने की थी
इसमें दो श्रेणियां होती है- पुरुषों के लिए नाइट ग्रांड क्रॉस और महिलाओं के लिए डेम ग्रांड क्रॉस दूसरा टाइटल पुरुषों के लिए “नाइट कमांडर” और महिलाओं के लिए “डेम कमांडर” हैं
जिस व्यक्ति को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया जाता है, वह अपने नाम के सामने सर शब्द का प्रयोग कर सकता है
लेकिन क्या आपको मालूम है आजादी से पहले कितने भारतीयों को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आजादी से पहले केवल एक ही भारतीय को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है
साल 1915 में अंग्रेजों ने रवींद्रनाथ टैगोर को नाईटहुड अवॉर्ड से सम्मानित किया था
हालांकि जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद उन्होंने यह अवॉर्ड ब्रिटिश सरकार को लौटा दी थी
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