अमर उजाला
Tue, 27 February 2024
लखनऊ में हो रहे अमर उजाला संवाद में स्मृति जुबिन ईरानी भी शामिल हुईं और उन्होंने खुलासा किया कि बचपन में नाना ने उनका नाम कुछ और रखा था
स्मृति ने कहा कि लोगों को गलतफहमी थी कि ये मुंबई से आई हैं, दादी महाराष्ट्र से हैं, नानी असम, नाना बंगाल से हैं, पति गुजराती पारसी हैं
उन्होंने आगे बताया कि प्रभु की असीम कृपा रही है कि मैं कहीं कोई डेटा या कोई छंद पढ़ लूं तो आजीवन याद रहता है
मैं पिताजी की चलती फिरती टेलीफोन बुक हुआ करती थी, वे कहते थे कि स्मृति को बुलाओ, उसे नंबर याद होगा
उन्होंने अपने बचपन के नाम का खुलासा करते हुए कहा कि नाना ने मेरा नाम बांग्ला में सृति रखा था
पिता पंजाबी थे तो बोले कि जिंदगी भर नाम नहीं ले पाएंगे तो वह स्मृति कर दिया गया, लेकिन मुझे डेटा याद रहता है
मुझे अनुभव याद रहते हैं, इसलिए मैं स्पीच लिखकर बोलने वालों में से नहीं हूं
पंकज उधास के इस गाने को सुनकर रो पड़े थे राज कपूर