सैनिक से संगीतकार बन छा गए खय्याम 18 फरवरी 1927 को पंजाब में जन्मे खय्याम ने संगीत की दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ी खय्याम ने फौज छोड़कर मुंबई का रुख किया और फिल्मों में काम करने लगे खय्याम ने मशहूर पंजाबी संगीतकार बाबा चिश्ती से संगीत सीखा खय्याम ने 1948 की फिल्म 'हीर-रांझा' से अपने करियर की शुरुआत की साल 1981 की फिल्म 'उमराव जान' के गानों ने लोगों के बीच धूम मचा दी हालांकि, इस दिग्गज संगीतकार ने 19 अगस्त, 2019 को दुनिया को अलविदा कह दिया सीटिए