अमर उजाला
Sun, 13 October 2024
नुसरत फतेह अली खान सूफी शैली के प्रसिद्ध कव्वाल थे
नुसरत फतेह अली खान का जन्म 13 अक्टूबर 1948 को पंजाब के फैसलाबाद में हुआ था
नुसरत फतेह अली खान को 'शहंशाह ए कव्वाली' के नाम से नवाजा गया
16 अगस्त 1997 में नुसरत फतेह अली खान दुनिया को अलविदा कह गए थे
नुसरत फतेह अली खान की कव्वाली 'तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी', 'सांसो की माला पे सिमरूं में पी का नाम' जैसे शानदार गानों के लिए जाना जाता है
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