घुंघरू की आवाज से दिलों को धड़का देते थे बिरजू महराज! आज सुप्रसिद्ध कथक नर्तक बिरजू महाराज की पुण्यतिथि है बिरजू महाराज की पुण्यतिथि पर जानते हैं उनके बारे में कुछ अनसुनी बातें कथक नृत्य में पारंगत बिरजू महाराज अच्छे गायक और कवि भी थे बिरजू महाराज को पेंटिंग का भी शौक था 'दिल तो पागल है' और 'देवदास' के लिए उन्होंने माधुरी दीक्षित को नृत्य की कई भंगिमाएं सिखाई थीं 'बाजीराव मस्तानी' के लिए बिरजू महराज को फिल्म फेयर पुरस्कार मिला था बिरजू महराज को कथक से इतना लगाव था कि उन्होंने दिल्ली 'कलाश्रम' की स्थापना की, जहां लोग कथक सीख सकते थे mm