'कांच और हीरा' से सिनेमा को मिला आवाज का 'सौदागर' रवीन्द्र जैन, उस शख्सियत का नाम है जिनके गुणों का बखान जितना काम किया जाए कम है फरवरी 1944 में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में जन्में रवीन्द्र सात भाई-बहनों में तीसरे नंबर के थे 9 अक्टूबर यानी आज रवीन्द्र जैन की पुण्यतिथि है चितचोर, राम तेरी गंगा मैली, गीत गाता चल, नदिया के पार जैसी कई फिल्मों में शानदार गीत और संगीत देने वाले रवीनद्र जैन जन्म से ही नेत्रहीन थे रामानंद सागर की रामायण में गाई उनकी चौपाईयां आज भी लोगों के बीच मशहूर हैं 1972 में उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की, उन्होंने न सिर्फ अच्छा गाया बल्कि एक से बढ़कर एक संगीत भी दिया वे उन संगीतकारों में रहे, जिन्होंने कविता, शायरी और गीत की समझ को समेटते हुए लीक से हटकर काम किया है राम तेरी गंगा मैली के संगीत के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ संगीतकार का फिल्मफेयर भी मिला था मनोरंजन