अमर उजाला
Thu, 24 April 2025
अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में 18 अप्रैल 2025 को गीतकार, कवि मनोज मुंतशिर भी शामिल हुए।
इस कार्यक्रम से जुड़े एक खास पॉडकास्ट में मनोज ने नए लेखकों को बहुत की काम की सलाह दी।
जब मनोज मुंतशिर से पूछा गया कि जो युवा गीतकार और लेखक बनना चाहते हैं तो उनको किन बातों पर ध्यान देना चाहिए।
मनोज ने नए लेखकों के लिए कहा, ‘सबसे पहले तो पढ़ना चाहिए। अगर आपने दो हजार पन्ने पढ़ नहीं लिए तो दो पन्ने लिखने की गुस्ताखी मत करना।’
मनोज मुंतशिर का कहना है कि नए लेखक, कवि अगर पढ़ना शुरू करेंगे तो खुद-ब-खुद लिखना शुरू कर देंगे। ऐसा लगेगा कि जैसे ईश्वर कोई आदेश दे रहा है, वही आपसे यह सब लिखवा रहा है।
मनोज का मनाना है कि नए लेखक गलती यह करते हैं कि बस लिखना शुरू कर देते हैं जबकि उनको लेखन के नियम ही नहीं पता है।
मनोज मुंतशिर का मानना है कि जब तक नए लेखक, कवि नहीं जानेंगे कि बाबा तुलसी दास, मीरा बाई क्या लिखकर गए हैं? कितना कुछ बेहतरीन लिखा जा चुका है तो अपना लिखा हुआ सब कुछ अच्छा लगेगा।’
इसके अलावा मनोज कहते हैं, ‘जब भी लिखने बैठे, सिचुएशन पर लिखें। कोई तो बात आपके दिल को छू गई होगी, उस पर लिखना शुरू करें।
मनोज मुंतशिर कहते हैं, ‘अगर आपको मां, प्रेमिका, पिता के बारे में कुछ लिखना है तो उस सिचुएशन के साथ पहले दो दिन गुजारो, फिर जो आप लिखोगे, वह मैजिक की तरह होगा।’
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