अमर उजाला
Thu, 27 April 2023
स्कूल में हमेशा से अव्वल रहने वाली जोहरा ने खूब नाटकों में हिस्सा लिया और उनकी एक्टिंग की जमकर तारीफ होने लगी, यहीं से उनमें एक्टिंग और डांसिंग की कला का विकास हुआ
जोहरा का मन देश की पहली महिला पायलट बनने का था लेकिन उनके पिता को ये बात बिल्कुल भी पसंद नहीं आई
जर्मनी में डांस गुरू उदय शंकर से मिलने के बाद वह अल्मोड़ा आ गईं और यहां उनकी मुलाकात कामेश्वर सहगल से हुई और शादी करके वह जोहरा सहगल बन गई
1947 में भारत-पाक विभाजन के बाद जोहरा पति के साथ मुंबई आ गईं, यहां वह पृथ्वीराज कपूर के थिएटर से जुड़ गईं और उन्होंने बतौर स्टेज आर्टिस्ट तकरीबन 14 साल काम किया
अपने 102 साल के जीवन में उन्हें 1998 पद्मश्री से लेकर 2010 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया
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