अमर उजाला
Sat, 2 August 2025
सिनेमाई दुनिया में नाम कमाना किसी सपने को सच करने जैसा होता है। वो भी उस एक्टर के लिए, जिसके माता-पिता बचपन में ही गुजर गए हों।
जी हां, हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड के किंग खान कहे जाने वाले शाहरुख की, जिन्हें शुक्रवार को फिल्म 'जवान' के लिए बेस्ट एक्टर के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला।
शाहरुख खान जब 15 साल के थे, तब उनके पिता का कैंसर से निधन हो गया था। इसके बाद उनकी मां ने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया और अभिनेता बिल्कुल अकेले पड़ गए।
फिर एक्टिंग के प्रति गहरे लगाव के कारण अभिनेता 1990 के दशक में सपनों की नगरी मुंबई आ गए, जिस शहर से वो पूरी तरह से अनजान थे।
इसके बाद शाहरुख ने 'फौजी' और 'सर्कस' जैसे टीवी सीरियल्स से छोटे पर्दे पर अभिनय शुरु किया। इन शोज ने अभिनेता को थोड़ी बहुत पहचान दिलाई।
शाहरुख खान ने फिर फिल्मों की ओर कदम बढ़ाया, लेकिन उन्हें दर्शकों ने पसंद नहीं किया। इसके बाद साल 1992 में 'दीवाना' फिल्म से उन्हें पहचान मिली।
इस फिल्म के बाद शाहरुख ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और उन्होंने 'बाजीगर', 'दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे', 'देवदास', 'चक दे इंडिया' जैसी शानदार फिल्मों में काम किया।
अपने 33 साल के फिल्मी करियर के दौरान अभिनेता ने कई शानदार फिल्में दीं, लेकिन उन्हें कभी नेशनल अवॉर्ड नहीं मिल सका।
आखिरकार 2025 का वो साल आया, जब उन्हें 71वें नेशनल अवॉर्ड में 'जवान' फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का खिताब मिला, जिसका इंतजार अभिनेता को कई वर्षों से था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आपको बताते चलें कि अभिनेता आज 7300 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं।
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