अमर उजाला
Wed, 2 March 2022
ये दुनिया की पहली भगवान शंकर की 112 फीट की प्रतिमा है जिसमें सिर्फ उनका चेहरा है
इसे कोयम्बटूर में 2017 में स्थापित किया गया था और इसकी अभिकल्पना सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने की है
सद्गुरु के अनुसार ये प्रतिमा योग के प्रति लोगों में प्रेरणा जगाने के लिए हैं इसलिए इसका नाम 'आदियोगी' है
इनके चेहरे के डिजाइन को तैयार करने में करीब ढाई साल लगे और केवल 8 महीने में ईशा फाउंडेशन की टीम ने इसे पूरा किया
इस प्रतिमा का वजन 500 टन है और प्रतिमा के साथ यहां नंदी को भी बड़े खास तरीके से तैयार किया गया है
नंदी का ऊपर का हिस्सा धातु के 6 से 9 इंच बड़े टुकड़ों को जोड़कर बनाया गया है
तिल के बीज, हल्दी, पवित्र भस्म, विभूति, कुछ खास तरह के तेल, थोड़ी रेत, कुछ अलग तरह की मिट्टी भी इसके अंदर भरी गई है
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