'जब दिल ही टूट गया' को लिख कर अमर हो गए मजरूह मजरूह सुल्तानपुरी के इंतकाल को कई साल गुजर गए, लेकिन उनके लिखे गाने आज भी टूटे दिलों पर मरहम का काम करते हैं मजरूह सुल्तानपुरी का असल नाम असरार उल हसन खान था मजरूह सुल्तानपुरी बचपन से ही शेरो-शायरी का शौक रखते थे फिल्म ‘शाहजहां’ के लिए मजरूह सुल्तानपुरी ने गीत ‘जब दिल ही टूट गया’ लिखा था और इस गाने की वजह से वे बॉलीवुड में छा गए 'एक दिन बिक जाएगा माटी के मोल' के लिए राजकपूर ने उन्हें हजार रुपये दिए थे मजरूह सुल्तानपुरी ने 80 साल की उम्र में 24 मई, 2000 को इस दुनिया को अलविदा कहा था qe