जां निसार अख्तर ने दिया था हिंदी सिनेमा को मुकम्मल गीतों का तोहफा

अमर उजाला

Mon, 19 August 2024

Image Credit : एक्स @FilmHistoryPic

जां निसार अख्तर एक कवि, गजलकार और गीतकार थे

 

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उनका जन्म 18 फरवरी 1914 को  हुआ था, उन्हें अपनी किताब ‘दिल की राख’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था

 

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गीतकार ने हिंदी सिनेमा की कई सदाबहार फिल्मों में गाने भी लिखें

 

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उन्होंने गुरु दत्त की ‘सीआईडी’, ‘आंखें ही आंखों में’, ‘प्रेम पर्वत’ और ‘नूरी’ जैसी फिल्मों के लिए गीत लिखें

 

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उन्होंने अपना आखिरी गाना, ‘ऐ दिल-ए-नादान’, कमाल अमरोही की ‘रजिया सुल्तान’ के लिए लिखा था

 

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उन्होंने प्रदीप कुमार और मीना कुमारी अभिनीत फिल्म ‘बहू बेगम’  लिखी और उसका निर्माण भी किया

 

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जां निसार अख्तर को फिल्म नूरी के ‘आजा रे मेरे दिलबर’ के लिए मरणोपरांत 1980 के फिल्मफेयर के सर्वश्रेष्ठ गीतकार पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था 


 
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बता दें कि 19 अगस्त 1976 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था

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