अमर उजाला
Sat, 26 April 2025
‘जाट’ और ‘छावा’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय की छाप छोड़ने वाले अभिनेता विनीत कुमार सिंह ने सिनेमा में महिलाओं के योगदान पर बात की।
अमर उजाला संवाद 2025 में बोलते हुए अभिनेता ने कहा, “आज के वक्त में सिनेमा में महिलाओं का योगदान बढ़ा है। इस वजह से एक अलग तरह का नजरिया आया है।”
अभिनेता ने आगे कहा कि समाज में भी जब महिलाओं का योगदान बढ़ेगा, तो उसका भी असर पड़ेगा।
अभिनेता ने कहा कि अभी मैंने ‘सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव’ नाम की एक फिल्म की, जिसकी निर्देशक रीमा कागती हैं और फिल्म की प्रोड्यूसर जोया अख्तर हैं। इन दोनों का फिल्म में बड़ा योदगान है।
विनीत कुमार सिंह ने कहा कि बहुत सारी महिलाएं देश में बड़े-बड़े पदों पर बैठी हैं। हम पुरुषों के नजरिये से समाज को देखते हैं, तो बहुत कुछ छूट जाता है। जो महिलाओं के चश्मे से दिख सकता था।
उन्होंने कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं, तो उनका हिस्सा भी शामिल होता है और वो बहुत ही संवेदनशील कहानियां लेकर आती हैं।
छत्रपति शिवाजी के जीवन में भी एक महिला के तौर पर उनकी मां का बहुत बड़ा योगदान रहा। जिनकी शिक्षा से ही वो इतनी बड़ी एक सोच को पूरे देश के सामने ला पाए।
इसलिए महिलाओं का योगदान बहुत जरूरी है। अगर किसी के जीवन में आसपास कोई महिला नहीं है, तो समझिए कुछ बहुत बड़ा है जो छूट गया है।
वर्कफ्रंट की बात करें तो विनीत कुमार सिंह आखिरी बार फिल्म ‘जाट’ में नजर आए हैं। फिल्म ‘छावा’ में उनके द्वारा निभाए गए कवि कलश के किरदार को काफी पसंद किया गया है।
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