मुगलों के उम्दा डायलॉग्स, आप भी कहेंगे- वाह ताज मुगलिया काल पर आधारित वेब सीरीज ताज डिवाइडेड बाई ब्लड रिलीज हो चुकी है मुगलिया नफासत से लबरेज इसके डायलॉग हर तरफ धूम मचा रहे हैं आइए चंद उम्दा डायलॉग्स से रूबरू कराते हैं, जिससे आप भी कहें- वाह ताज कुछ इंसान इतने खास होते हैं उन तक अपना पैगाम पहुंचाने खुदा आसमान के तारे भी तोड़ दे हजार मांओं की गोद उजाड़कर अपने लिए औलाद मांगने आए हो? तुम्हें खतरा किसी दुश्मन से नहीं, हुआ तो तुम्हारे अपनों से होगा दरिया का पानी जब-जब लाल होगा, मुगलिया खून जरूर बहेगा खुदा को अपने अंदर इतना न बैठाओ कि दिन में पांच मर्तबा ढूंढना पड़े होश में न रहकर मैंने तुम्हारे होश उड़ा दिए, सोचो होश में होते तो तुम्हारा क्या हाल होता नामुराद मुझे मौत का खौफ नहीं, लेकिन कैद की जिंदगी जीना नामंजूर है जब इंसान के दिल में शैतान घर कर जाए, तब आपसी रिश्तों के कोई मायने नहीं होते जीत से पहले छुआरे नहीं बांटा करते टूटी हुई कलम से इतिहास नहीं लिखा करते .........