अमर उजाला
Thu, 4 August 2022
महाराष्ट्र की पिछले दो महीने से जारी सियासी लड़ाई पर बुधवार को फिर से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में कुल पांच याचिकाएं दायर हैं।
एकनाथ शिंदे, उद्धव ठाकरे, राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष सभी इसमें पक्षकार बनाए गए हैं। चीफ जस्टिस एनवी रमण खुद इसकी सुनवाई कर रहे हैं।
वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक सिंघवी ने कोर्ट में उद्धव ठाकरे का पक्ष रखा। एकनाथ शिंदे की तरफ से हरीश साल्वे, महेश जेठमलानी, नीरज किशन कौल कोर्ट में पेश हुए। राज्यपाल के वकील तुषार मेहता ने अपनी बात रखी।
सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर जमकर निशाना साध रहे हैं। दोनों का दावा है कि शिवसेना उनकी पार्टी है। ऐसे में कोर्ट क्या फैसला सुना सकता है? क्या शिंदे सरकार गिर जाएगी? शिवसेना पर किसका होगा कब्जा?
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता चंद्र प्रकाश पांडेय ने कहा कि पिछले एक महीने में काफी कुछ बदल चुका है। फ्लोर टेस्ट में शिंदे ने विधायकों का समर्थन हासिल किया है। उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
शिवसेना पर दावा करने के लिए शिंदे को पार्टी नेताओं का साथ चाहिए होगा। अगर उनके पास ज्यादा नेताओं का समर्थन होगा तो वह शिवसेना हासिल कर सकते हैं।
इसके अलावा कोर्ट चुनाव आयोग को भी इस मसले में पक्षकार बना सकती है। चुनाव आयोग का फैसला आने तक कोर्ट इस मामले की सुनवाई रोक भी सकती है।
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