अमर उजाला
Wed, 29 March 2023
14,500 सेवारत चिकित्सक, 5000 रेजिडेंट-सीनियर रेजिडेंट और मेडिकल कॉलेज के दो हजार से ज्यादा डॉक्टर्स सामूहिक अवकाश पर
सरकारी डॉक्टर्स ने सिर्फ आईसीयू और इमरजेंसी सेवाओं को बहाल रखा, ओपीडी सेवाएं आज प्रदेश में पूरी तरह ठप
डॉक्टर्स चाहते हैं, सरकार उनके प्रतिनिधियों से वार्ता की टेबल पर आए, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि RTH बिल वापस नहीं लिया जाएगा
हड़ताल में शामिल रेजीडेंट डॉक्टर्स के ड्यूटी नहीं करने पर अब सरकार उन पर सख्त विभागीय कार्रवाई कर सकती है
प्राइवेट डॉक्टर चाहते हैं, सरकार की ओर से रियायती दर पर जमीन लेने वाले अस्पतालों पर ही शुरुआत में यह RTH बिल लागू किया जाए
आरिफ से दूर होकर 40 घंटे भूखा रहा सारस, मिलने पहुंचे अखिलेश