10वीं फेल मुस्तफा ने स्क्रॉल पेपर पर लिख दी कुरान बांदीपोरा निवासी मुस्तफा ने सात महीने में पूरा किया काम दावा- लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुई उपलब्धि मैट्रिक पास नहीं होने पर शुरू किया सुलेख का काम फेल होने पर मिलते थे घरवालों और रिश्तेदारों के ताने तीन महीने में लिखने का काम हो गया पूरा इस पूरे प्रोजेक्ट में 2.5 लाख रुपये का खर्च आया स्क्रॉल पेपर पर लिखी कुरान