अमर उजाला काव्य डेस्क
डर शरीर का रोग नहीं है, यह आत्मा को मारता है।
ऐसे जिएं कि जैसे आपको कल मरना है और सीखें ऐसे जैसे आपको हमेशा जीवित रहना है।
आंख के बदले आंख पूरे विश्व को अंधा बना देगी।
एक कायर प्यार का प्रदर्शन करने में असमर्थ होता है, प्रेम बहादुरों का विशेषाधिकार है।
Urdu Poetry: दोस्तों के लिए चुनिंदा शेर