Hindi Shayari: आईना दिखाते चुनिंदा शेर आइना देख कर तसल्ली हुई हम को इस घर में जानता है कोई ~गुलज़ार चाहे सोने के फ़्रेम में जड़ दो आइना झूट बोलता ही नहीं ~ कृष्ण बिहारी नूर दूसरों पर अगर तब्सिरा कीजिए सामने आइना रख लिया कीजिए ~ ख़ुमार बाराबंकवी मुश्किल बहुत पड़ेगी बराबर की चोट है आईना देखिएगा ज़रा देख-भाल के ~ अमीर मीनाई इक बार जो टूटे तो कभी जुड़ नहीं सकता आईना नहीं दिल मगर आईना-नुमा है ~ रज़ा हमदानी Hindi Shayari:आईना दिखाते चुनिंदा शेर