Urdu Shayari: 'आँसुओं' पर कहे गए शेर

अमर उजाला

Mon, 12 January 2026

Image Credit : social media

दो घड़ी दर्द ने आँखों में भी रहने न दिया 
हम तो समझे थे बनेंगे ये सहारे आँसू 

~ हकीम नासिर

Image Credit : social media

आग दुनिया की लगाई हुई बुझ जाएगी 
कोई आँसू मिरे दामन पे बिखर जाने दे 

~ नज़ीर बाक़री
 

Image Credit : social media

मुद्दत के बा'द उस ने जो की लुत्फ़ की निगाह 
जी ख़ुश तो हो गया मगर आँसू निकल पड़े 

~ कैफ़ी आज़मी
 
Image Credit : social media

पीने पड़ते हैं सैंकड़ों आँसू 
दर्द ख़ुद तो दवा नहीं होता 

~ ए.आर.साहिल "अलीग"
 
Image Credit : social media

रोने वाले तुझे रोने का सलीक़ा ही नहीं 
अश्क पीने के लिए हैं कि बहाने के लिए 

~ आनंद नारायण मुल्ला

Image Credit : social media

उन के रुख़्सार पे ढलके हुए आँसू तौबा 
मैं ने शबनम को भी शोलों पे मचलते देखा 

~ साहिर लुधियानवी

Image Credit : social media

Urdu Poetry: यूँ चुराईं उस ने आँखें सादगी तो देखिए

Read Now