Urdu Poetry: तुम से बिछड़ कर ज़िंदा हैं जान बहुत शर्मिंदा हैं

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली 

Image Credit :

तुम से बिछड़ कर ज़िंदा हैं
जान बहुत शर्मिंदा हैं
- इफ़्तिख़ार आरिफ़

Image Credit :

गुज़र तो जाएगी तेरे बग़ैर भी लेकिन
बहुत उदास बहुत बे-क़रार गुज़रेगी
- अज्ञात 

Image Credit :

परेशानी अगर है तो परेशानी का हल भी है
परेशाँ-हाल रहने से परेशानी नहीं जाती
- अबरार अहमद काशिफ़ 

Image Credit :

हसरतों का हो गया है इस क़दर दिल में हुजूम
साँस रस्ता ढूँढ़ती है आने जाने के लिए
- जिगर जालंधरी  

Image Credit :

Urdu Poetry: बदले हुए से लगते हैं अब मौसमों के रंग

Read Now