अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली
उन का जो फ़र्ज़ है वो अहल-ए-सियासत जानें
मेरा पैग़ाम मोहब्बत है जहाँ तक पहुँचे
- जिगर मुरादाबादी
सब से पुर-अम्न वाक़िआ ये है
आदमी आदमी को भूल गया
- जौन एलिया
दिल धड़कने का सबब याद आया
वो तिरी याद थी अब याद आया
- नासिर काज़मी
मुझे अब तुम से डर लगने लगा है
तुम्हें मुझ से मोहब्बत हो गई क्या
- जौन एलिया
काग़ज़ में दब के मर गए कीड़े किताब के
दीवाना बे-पढ़े-लिखे मशहूर हो गया
- बशीर बद्र
शाम की चाय उन के साथ पियूँ
दिल की हसरत बहुत पुरानी है
- दिनेश कुमार
Urdu Poetry: मेरे जैसे बन जाओगे जब इश्क़ तुम्हें हो जाएगा