Urdu Poetry: पूरी होती हैं तसव्वुर में उमीदें क्या क्या

अमर उजाला काव्य डेस्क, नई दिल्ली 

Image Credit :

पूरी होती हैं तसव्वुर में उमीदें क्या क्या
दिल में सब कुछ है मगर पेश-ए-नज़र कुछ भी नहीं
- लाला माधव राम जौहर  

Image Credit :

ख़्वाब, उम्मीद, तमन्नाएँ, तअल्लुक़, रिश्ते
जान ले लेते हैं आख़िर ये सहारे सारे
- इमरान-उल-हक़ चौहान  

Image Credit :

क्या हसीं ख़्वाब मोहब्बत ने दिखाया था हमें
खुल गई आँख तो ताबीर पे रोना आया
- शकील बदायूंनी  

Image Credit :

बड़ी आरज़ू थी हम को नए ख़्वाब देखने की
सो अब अपनी ज़िंदगी में नए ख़्वाब भर रहे हैं
- उबैदुल्लाह अलीम 

Image Credit :

Urdu Poetry: रोने वालों से कहो उन का भी रोना रो लें

Read Now