अमर उजाला
Sun, 22 February 2026
फैटी लिवर की बीमारी तेजी से बढ़ती जा रही है। शराब न पीने वालों में भी इसका खतरा बढ़ रहा है।
अधिक चीनी, खासकर फ्रुक्टोज सीधे लिवर में फैट में बदल जाती है, जिससे फैटी लिवर की समस्या हो सकती है।
सॉफ्ट ड्रिंक, पैकेज्ड जूस और मिठाइयों में चीनी ज्यादा होता है, इससे फैटी लिवर का खतरा 2-3 गुना बढ़ा सकता है।
अध्ययनों से पता चलता है कि 8-12 सप्ताह तक चीनी कम करने से लिवर फैट में 20-30% तक कमी आ सकती है।
हालांकि केवल चीनी छोड़ना ही काफी नहीं। वजन कम करना, एक्सरसाइज और संतुलित आहार भी जरूरी है।
यदि लाइफस्टाइल सुधार लिया जाए फैटी लिवर को शुरुआती स्टेज में पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
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