अमर उजाला
Tue, 26 May 2026
मूड स्विंग होना सामान्य है। पर बार-बार मूड बदलना कई समस्याओं का संकेत हो सकता है।
महिलाओं में पीरियड्स, प्रेग्नेंसी या मेनोपॉज के दौरान मूड अचानक बदल सकता है।
पुरुषों में भी टेस्टोस्टेरोन हार्मोन में गिरावट चिड़चिड़ापन बढ़ा सकती है।
नींद की कमी भी मूड स्विंग का कारण बनती है। 6 घंटे से कम नींद गुस्सा, थकान और उदासी बढ़ा सकती है।
थायरॉइड की समस्या भी मूड को प्रभावित कर सकती है। इसे बेचैनी, उदासी बढ़ जाती है।
बार-बार मूड बदलना कभी-कभी एंग्जायटी, डिप्रेशन या बाइपोलर डिसऑर्डर का भी संकेत हो सकता है।
गर्मियों में कौन से ड्राई फ्रूट्स नहीं खाने चाहिए?