चाय को दोबारा गर्म करना स्वाद और सेहत दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है।
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आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही ताजी बनी चाय पीने की सलाह देते हैं।
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बैक्टीरिया का पनपना
यदि चाय बनने के 4 घंटे से अधिक समय तक बाहर रखी रहती है, तो उसमें सूक्ष्म कीटाणु और बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जो पेट खराब कर सकते हैं।
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पोषक तत्वों का नाश
चाय में मौजूद गुणकारी एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्लेवोनोइड्स दोबारा गर्म करने पर पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं, जिससे शरीर को कोई लाभ नहीं मिलता।
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एसिडिटी और कड़वाहट
चाय को बार-बार गर्म करने से उसमें 'टैनिन' की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे उसका स्वाद कड़वा हो जाता है और इसे पीने से गंभीर एसिडिटी, सीने में जलन और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
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खतरनाक यौगिक
लंबे समय तक रखी चाय को उबालने से उसके रासायनिक गुण बदल सकते हैं, जो लिवर और आंतों के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं।