नाइट मंचिंग यानी देर रात बिना भूख के कुछ न कुछ खाते रहने की आदत, हमारे मेटाबॉलिज्म और संपूर्ण स्वास्थ्य पर गहरा नकारात्मक असर डालती है।
Image Credit : Adobe
जब सूरज ढल जाता है, तो हमारे शरीर की पाचन अग्नि धीमी हो जाती है और शरीर 'रिपेयर मोड' में जाने की तैयारी करता है। ऐसे में जंक फूड खाना शरीर के लिए एक अतिरिक्त बोझ बन जाता है।
Image Credit : Freepik.com
वजन बढ़ना और मोटापा
देर रात खाई गई कैलोरी ऊर्जा के रूप में जलने के बजाय सीधे 'फैट' के रूप में शरीर में जमा होने लगती है, जिससे पेट की चर्बी बढ़ती है।
Image Credit : Freepik.com
नींद की गुणवत्ता में कमी
पाचन तंत्र के सक्रिय रहने के कारण मस्तिष्क को गहरी नींद नहीं मिल पाती। इससे सुबह थकान और चिड़चिड़ापन महसूस होता है।
Image Credit : Freepik.com
एसिडिटी और सीने में जलन
लेटकर खाने या खाने के तुरंत बाद सो जाने से पेट का एसिड भोजन नली में वापस आ जाता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ जाती है।
Image Credit : Adobe Stock
ब्लड शुगर और इंसुलिन रेजिस्टेंस
रात में कार्ब्स या मीठा खाने से शुगर लेवल अचानक बढ़ जाता है, जो लंबे समय में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ाता है।