नाइट मंचिंग का स्वास्थ्य पर क्या असर होता है?

अमर उजाला

Thu, 15 January 2026

Image Credit : Freepik.com

नाइट मंचिंग यानी देर रात बिना भूख के कुछ न कुछ खाते रहने की आदत, हमारे मेटाबॉलिज्म और संपूर्ण स्वास्थ्य पर गहरा नकारात्मक असर डालती है। 

Image Credit : Adobe

जब सूरज ढल जाता है, तो हमारे शरीर की पाचन अग्नि धीमी हो जाती है और शरीर 'रिपेयर मोड' में जाने की तैयारी करता है। ऐसे में जंक फूड खाना शरीर के लिए एक अतिरिक्त बोझ बन जाता है।

Image Credit : Freepik.com

वजन बढ़ना और मोटापा

देर रात खाई गई कैलोरी ऊर्जा के रूप में जलने के बजाय सीधे 'फैट' के रूप में शरीर में जमा होने लगती है, जिससे पेट की चर्बी बढ़ती है।
Image Credit : Freepik.com

नींद की गुणवत्ता में कमी

पाचन तंत्र के सक्रिय रहने के कारण मस्तिष्क को गहरी नींद नहीं मिल पाती। इससे सुबह थकान और चिड़चिड़ापन महसूस होता है।
Image Credit : Freepik.com

एसिडिटी और सीने में जलन

लेटकर खाने या खाने के तुरंत बाद सो जाने से पेट का एसिड भोजन नली में वापस आ जाता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ जाती है।
Image Credit : Adobe Stock

ब्लड शुगर और इंसुलिन रेजिस्टेंस

रात में कार्ब्स या मीठा खाने से शुगर लेवल अचानक बढ़ जाता है, जो लंबे समय में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ाता है।
Image Credit : Freepik.com

क्या भोजन करने के तुरंत बाद नहाना सही है?

Adobe Stock
Read Now