सोने से ठीक पहले घंटों स्क्रीन देखने से क्या होता है?
अमर उजाला
Thu, 12 February 2026
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सोने से ठीक पहले घंटों तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन देखना आपकी सेहत और नींद के चक्र के लिए अत्यंत हानिकारक है।
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इसके साथ ये आदत आप में कई अन्य भी परेशानी का कारण बन सकता है, जिसके बारे में आपको जानना चाहिए।
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मेलाटोनिन में कमी
स्क्रीन से निकलने वाली 'ब्लू लाइट' हमारे मस्तिष्क को यह संकेत देती है कि अभी दिन है। इससे 'मेलाटोनिन' का स्राव रुक जाता है, जिससे नींद आने में देरी होती है और नींद की गुणवत्ता खराब हो जाती है।
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डिजिटल आई स्ट्रेन
घंटों तक बिना पलक झपकाए स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन, खुजली और धुंधलापन महसूस होने लगता है।
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मस्तिष्क की सक्रियता
सोशल मीडिया या वीडियो देखने से दिमाग 'हाइपर-अलर्ट' मोड में चला जाता है। इससे शरीर को रिलैक्स होने का समय नहीं मिलता, जिससे सुबह उठने पर ताजगी के बजाय भारीपन और थकान महसूस होती है।
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मेटाबॉलिज्म पर असर
नींद की कमी से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन्स असंतुलित हो जाते हैं, जिससे वजन बढ़ने और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।