अमर उजाला
Sat, 14 June 2025
आज के दौर में स्मार्टफोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं।
लेकिन इनका ज्यादा इस्तेमाल तनाव, नींद की कमी और एकाग्रता में कमी का कारण बन सकता है।
यही वजह है कि अब लोग डिजिटल फास्टिंग की ओर रुख कर रहे हैं।
लेकिन आखिर डिजिटल फास्टिंग है क्या? आइए, इसे सरल शब्दों में समझें।
डिजिटल फास्टिंग का मतलब है कुछ समय के लिए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और इंटरनेट से दूरी बनाना है।
जैसे हम खाने का उपवास रखते हैं, वैसे ही यह डिजिटल उपवास है, जिसमें स्क्रीन टाइम को कम किया जाता है।
इसका मकसद मानसिक शांति, बेहतर नींद और रिश्तों को मजबूत करना है।
इन शाकाहारी चीजों में भरपूर मात्रा में मिलता है ओमेगा-3 फैटी एसिड