मकर संक्रांति पर खिचड़ी क्यों खाते हैं? मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाना केवल परंपरा नहीं, बल्कि मौसम और शरीर के संतुलन से जुड़ा हुआ नियम है। सर्दियों में शरीर को गर्मी और ऊर्जा की जरूरत होती है, जिसे खिचड़ी आसानी से पूरा करती है। दाल और चावल से बनी खिचड़ी सुपाच्य होती है, इसलिए यह पाचन तंत्र को आराम देती है। इसे नई फसल के पहले अन्न के रूप में ग्रहण किया जाता है, इसलिए यह समृद्धि का प्रतीक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, खिचड़ी का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। उत्तर भारत में इसे सूर्य के उत्तरायण होने के शुभ संकेत के रूप में खाया जाता है। खिचड़ी समानता का भोजन है, अमीर-गरीब सभी के लिए एक जैसा। लाइफस्टाइल