मीरा के प्रेम से सीखें ये पांच बातें कृष्ण दीवानी मीरा का प्रेम जग जाहिर है, श्रीकृष्ण भक्ति में उन्होंने पति और ऐश-ओ-आराम को छोड़ दिया था मीरा बाई कभी कृष्ण ने नहीं मिली पर उन्हें अपना आत्मापति मान लिया और कृष्ण दीवानी के नाम से पहचानी जाने लगीं मीरा का प्रेम सिखाता है कि प्यार सिर्फ पाना नहीं है, हासिल करने की इच्छा न होने पर प्यार भक्ति बन जाता है सच्चे प्रेम में व्यक्ति का सबसे बड़ा धन उनका प्रियतम होता है, जिसके लिए पैसा, सुविधाएं सब छोड़ा जा सकता है मीरा जी के प्रेम में 'मैं' नहीं सिर्फ कृष्ण जाप था, प्यार में हमें अपने साथी की खुशियों को प्राथमिकता देनी चाहिए मीरा जी की शादी हुई पर उन्होंने बचपन में ही कृष्ण को पति मान लिया था और सच्चा प्रेम सिर्फ एक बार होता है लाइफस्टाइल