अमर उजाला
Sat, 5 March 2022
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अजंता की गुफाएं महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर से लगभग 105 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं
अजंता में कुल 30 गुफाएं हैं, जिन्हें ‘चैत्री-गृह‘ और ‘विहार‘ में विभाजित किया गया है
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गुफाएं को 9, 10, 19, और 29 चैत्य गृह के नाम से जाना जाता है, इसमें भगवान की पूजा की जाती थी
शेष गुफाएं ‘विहार‘ हैं जिनका उपयोग अनुयायियों के आवास, उद्देश्यों और बौद्ध धर्म के विद्यार्थियों के लिए किया गया था
अजंता की गुफाओं का निर्माण दो चरणों में हुआ है, पहले चरण में सातवाहन और इसके बाद वाकाटक शासक वंश के राजाओं ने इसका निर्माण करवाया
अजंता की गुफाओं को 1819 में एक ब्रिटिश ऑफिसर द्वारा खोजा गया था
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अजंता की गुफाओं की दीवार चित्रों को टेम्पेरा तकनीक के साथ बनाया गया है
इस तकनीक में दीवार पर मिट्टी, गौरंग और चावल के कणों के मिश्रण की 1 सेंटीमीटर मोटी परत को लेपित किया गया है
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