अमर उजाला
Sat, 30 April 2022
हवा महल को अधिकतर 'पैलेस ऑफ विंड्स' के नाम से भी जाना जाता है
जयपुर के बीचोंबीच हवा महल का निर्माण महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने 1799 में कराया था
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लाल चंद उस्ताद नामक एक वास्तुकार ने इस महल को किया था डिजाइन
राजस्थानी और मुगल शैली में महल का निर्माण लाल-गुलाबी बलुई पत्थर से किया गया है
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श्रीकृष्ण के प्रति सवाई प्रताप सिंह अत्यंत श्रद्धा रखते थे, इसी वजह से उन्होंने महल को उनके मुकुट का आकार दिया
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इसे खास तौर पर राजपूत परिवार की महिलाओं के लिए बनवाया गया था जहां से वे शहर की रोजमर्रा जिन्दगी को देख सकती थीं
हवा महल के लिए कोई भी सीधा प्रवेश द्वार नहीं है, आपको शहर के मुख्य महल, सिटी महल के किनारे से यहां जाना होगा
हवा महल एक 5 मंजिला इमारत है और इन मंजिलों में जाने के लिए सीढ़ियां नहीं हैं
हवा महल का यह नाम यहां की पांचवीं मंजिल से पड़ा, जिसे हवा मंदिर कहते हैं
हवा महल बगैर नींव का बना दुनिया का सबसे ऊंचा महल है
यह महल बगैर किसी नींव के जमीन से 90 डिग्री पर नहीं बल्कि 87 डिग्री पर खड़ा है
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