अमरकंटक: जहां बारिश में दिखता है स्वर्ग विंध्य और सतपुड़ा रेंज से घिरा अमरकंटक मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है अमरकंटक में आप प्राकृतिक सुंदरता के साथ ही तीर्थ स्थलों का भ्रमण भी कर सकते हैं अमरकंटक तीन पवित्र नदियों नर्मदा, सोन और जोहिला का उद्गम स्थल है, जून से नवंबर यहां जाने का सबसे अच्छा समय है धार्मिक रूप से यह स्थल लोगों के लिए बेहद खास है, यहां नर्मदा नदी का उद्गम होता है, पवित्र जलधारा के दर्शन होते हैं सोन नदी का उद्गम स्थल है, जहां झिलमिल जलधारा के रूप में सोन नदी दिखाई देती है, जो कि आगे जाकर विशाल नदी का आकार ले लेती है सोनमुडा से कुछ ही दूरी पर माई की बगिया नामक स्थान है, कहते हैं यहां मां नर्मदा का बचपन बीता है। यहां दुर्लभ औषधियां मिलती हैं यह नर्मदा नदी का पहला जलप्रपात है, जो कि नदी के उद्गम स्थल से 5 किमी दूर है, यहां नर्मदा नदी का भव्य रूप देखने को मिलता है कपिल धारा से 200 मीटर की दूरी पर दूध धारा जलप्रपात है, यहां नर्मदा नदी सफेद चमकदार झरने के रूप में गिरती है प्राचीन काल की तकनीक को इस्तेमाल कर बनाया जा रहा यह मंदिर बेहद खास है। इसकी वास्तुकला अद्भुत है यहां जमीन से करीब 10 फीट के नीचे शिवलिंग स्थापित है। कहा जाता है सावन में यहां मां नर्मदा खुद शिवजी का जलाभिषेक करने आती हैं जोहिला नदी के उद्गम स्थल पर बना ज्वालेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है मंदिर की सरंचना पर्यटकों का मनमोह लेती है। 151 फीट ऊंचे मंदिर में भगवान आदिनाथ की 24 टन की प्रतिमा स्थापित है यहां संत कबीर ने जीवन के कई वर्ष बिताएं हैं। हरे-भरे और शांत वातावरण के बीच वह ध्यान किया करते थे अमरकंटक