भारत की 'संस्कारधानी' जबलपुर

अमर उजाला

Thu, 26 May 2022

Image Credit : सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले को भारत की 'संस्कारधानी' कहा जाता है
Image Credit : सोशल मीडिया
यहां के लोगों की सांस्कृतिक, पारंपरिक और कलात्मक विशेषताओं से प्रभावित होकर संत विनोबा भावे ने इसे ‘संस्कारधानी’ नाम दिया था
Image Credit : सोशल मीडिया
जबलपुर जबालि ऋषि की तपो भूमि था, जिसके चलते इसे प्राचीन काल में जबालिपुरम कहा जाता था
 
Image Credit : सोशल मीडिया
रानी दुर्गावती के शासनकाल के दौरान यह जिला अपने 52 ताल-तलैयों के लिए जाना जाता था
Image Credit : सोशल मीडिया

जबलपुर में कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासतें मौजूद हैं
 

Image Credit : सोशल मीडिया

रानी दुर्गावती का किला

जबलपुर रानी दुर्गावती की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करता था, मदन महल की पहाड़ियों पर स्थित उनका किला देश का सबसे छोटा किला है
Image Credit : सोशल मीडिया

बेलेंसिग रॉक

मदन महल की पहाड़ियों में स्थित बेलेंसिग रॉक को देखकर लोग दांतों तले अंगुली दबा लेते हैं, लेकिन सालों से यह चट्टान एक दूसरे पर अडिग हैं
 
Image Credit : सोशल मीडिया

भेड़ाघाट

संगमरमर की चट्टानों से सजा भेड़ाघाट अपनी सुंदरता के लिए विश्वभर में विख्यात है, इसे देखने हर साल बड़ी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी यहां पहुंचते हैं
 
Image Credit : सोशल मीडिया

त्रिपुर सुंदरी मंदिर

भेड़ाघाट से कुछ ही दूरी पर स्थित प्राचीन कल्चुरी कालीन त्रिपुर सुंदरी मंदिर आस्था का एक जाग्रत  केंद्र है
Image Credit : सोशल मीडिया

चौसठ योगिनी मंदिर


मां दुर्गा को समर्पित 64 योगिनी मंदिर भी जबलपुर में मौजूद है। मंदिर के मुख्य कक्ष में भगवान शिव की दिव्य प्रतिमा स्थापित है
 
Image Credit : सोशल मीडिया

ओशो आश्रम


देवताल की पहाड़ियों पर महान दार्शनिक और विचारक ओशो का ध्यान केंद्र स्थापित है, जहां बड़ी संख्या में ओशो को मानने वाले लोग ध्यान साधना के लिए पहुंचते हैं
 
Image Credit : सोशल मीडिया

डुमना नेचर पार्क

प्रकृति प्रेमियों के लिए यहां कई स्थल हैं। जिला मुख्यालय से 10 किमी दूर डुमना नेचर पार्क में आसानी से वन्य जीवों को करीब से देखा जा सकता है
Image Credit : सोशल मीडिया

बीकानेर: दिल जीत लेगा 'राजस्थान का दिल'

Social Media
Read Now