वो पावन धरा जहां शहीद हुईं झांसी की रानी

अमर उजाला

Sat, 18 June 2022

Image Credit : सोशल मीडिया
झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की 165 वीं पुण्यतिथि है, 18 जून 1858 को अंग्रेजों से लोहा लेते हुए महारानी लक्ष्मीबाई शहीद हो गई थीं
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ग्वालियर के फूल बाग में महारानी लक्ष्मीबाई की समाधि स्थित है
 
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ग्वालियर का फूलबाग ही वो पावन धरा है, जहां आज भी वीरांगना लक्ष्मीबाई के अवशेष मौजूद हैं
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फूलबाग में झांसी की रानी की 8 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थापित है, खुले आसमान के नीचे बनी समाधि के चारों तरफ पेड़-पौधे लगाए गए हैं

 

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रानी लक्ष्मीबाई के पार्थिव शरीर की रक्षा करते हुए 547 संतों ने भी अपने प्राण त्याग दिए थे, रानी लक्ष्मी बाई की समाधि के पीछे सभी संतों की समाधि बनी है
 

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महारानी लक्ष्मी बाई ने अंतिम सांस तक अंग्रेजी हुकुमत के आगे घुटने नहीं टेके, उनके शहीद होने के बाद भी अंग्रेज रानी के शव को छू नहीं सके  
 

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ग्वालियर में स्थित रानी लक्ष्मी बाई की समाधि पर हर साल बड़ी संख्या में देशभक्त उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचते हैं
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