अमर उजाला
Sat, 18 June 2022
फूलबाग में झांसी की रानी की 8 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थापित है, खुले आसमान के नीचे बनी समाधि के चारों तरफ पेड़-पौधे लगाए गए हैं
रानी लक्ष्मीबाई के पार्थिव शरीर की रक्षा करते हुए 547 संतों ने भी अपने प्राण त्याग दिए थे, रानी लक्ष्मी बाई की समाधि के पीछे सभी संतों की समाधि बनी है
महारानी लक्ष्मी बाई ने अंतिम सांस तक अंग्रेजी हुकुमत के आगे घुटने नहीं टेके, उनके शहीद होने के बाद भी अंग्रेज रानी के शव को छू नहीं सके
विश्व धरोहर आमेर महल की करें सैर